भार शिव नागवंश सम्राट भर राजा दीपचंद (15 वी। शदी) बहराइच
बौंडि जाने के लिए बहिराईच से रामपुरवा चौकी और रामपुरवा चौकी से बौंदि के लिया मार्ग है। बौंडि के उत्तर रतनपुर दक्छिन सिलौता ।पश्चिम गूघरा नदी और पूरब रेहू खास मार्ग है। पहले राजा का किला बम्हनौटी मेँ था। बाढ़ मेँ नदी मेँ विलीन हो गई और उसला बौंडि बनवाया गया था। यहाँ जाने के लिए दूसरे मार्ग परवल से निकासीाइ मार्ग पर जलालपुर से बौंडि के लिया मार्ग जाता है। 15 वी शदी (1414 ई) में रैका कश्मीर से सूर्यवंशी रैकवार प्रताप शाह और दुन्हड़ी शाह दो भाई भर राजा रामनगर बाराबंकी के यहाँ आए। (सन्थ्रभ बाराबंकी गजेटियर (1964) पृष्ठ 28 ले। ईसा बसंती जोशी व निकासीाइ गजेटियर 1921 पृष्ठ 123, १० ले। प्रताप शाह के सालदेव और बालदेव दो लड़के थे। प्रताप शाह के मृत्यु के पश्चात सालदेव और बलदेव अपने चाचा दुन्ध शाह के साथ भर राजा के यहां नौकरी करने लगे। उस समय रामनगर का राजा बहुत ही शक्तिशाली था। भगाइच जनपद में स्थित बमनौटी जिसको वर्तमान में बौंडि कहते हैं का भर राजा दीपचंद रामनगर के भर राजा के अधीन था। (संदर्भ: -भराइच जनपदों का खोजपूर्ण इतिहास पृष्ठ हर० ले। कन्हैयालाल श्रीवास्तव) बम नौटी (निकासी) का राजा भी भर चुका था। जो रामनगर के भर राजा का रिश्तेदार था जिसके कारण प्रायः भर राजा रामनगर के यहाँ आ गया था। उन्होंने सालदेव के व्यापारिक क्षमता को भिन्नाना और अपने साथ बमनौटी ले गया था। सालदेव ने अपने बुद्दि और परिश्रम के बल से राजा के कोष में काफी वीरदी की राजा को प्रसन्न होकर वर्षदेव को महत्वपूर्ण पद सौंप दिया ।सलदेव ने इस अवसर का लाभ उठाया। 1460 ई के लगभग उसने राजा दीपचंद को धोके से मार डाला और स्वयँ राजा बन बैठा। उस दिन से बहिराईच के पश्चिमी भाग पर रैकवारो का कब्जा हो गया है। (संदर्भ: -अवध के तालूकेदार पृष्ठ ३२५ ले पवन बक्शी) एकबार सालदेव और भर राजा दीपचंद भर राजा रामनगर के यहाँ से अपने वहाँ वापस आ रहे थे मार्ग में मौका पाकर सालदेव ने अपने मालिक दीपचंद को मार डाला और अपने को उनके जागीर का उत्तराधरी घोषित कर दिया। इस प्रकार अवध में राजपूतों के बसने की अन्य कथाएँ हैं। भर और राजपूतों में निकट का संबन्ध था। (संदर्भ: -भराइच जनपद का खोजपूर्ण इतिहास पेज 80 ले। कान्हैयालाल श्रीवास्तव) इस प्रकार 1450 ई में बौंडि से भर शासकों का अधिकार समाप्त हो गया और रैकवार राजपूतों का आत्मीयता हो गया।
लेखक
रामचंद्र राव गोरखपुर
9453303481
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